
शादी के 11 साल, जमीन बेचकर पढ़ाई का दावा, दार्जिलिंग के ऑनलाइन बिल और 8 लाख का लोन ट्रांजेक्शन— जानिए कैसे एक पारिवारिक कलह कोर्ट रूम के तीखे सवालों और सनसनीखेज आरोपों का अखाड़ा बन गई।
ग्राउंड रिपोर्ट (विस्तृत विश्लेषण): हाजीपुर (वैशाली) | ग्राउंड टॉक्स डेस्क
बिहार के वैशाली जिले से सामने आया एक पारिवारिक विवाद अब सिर्फ दो कमरों या सड़क के हंगामे तक सीमित नहीं है, बल्कि फैमिली कोर्ट की दहलीज पर कानूनी दांव-पेंच और गंभीर खुलासों की जंग बन चुका है। शादी के 11 साल बाद एक तरफ जहां त्याग, समर्पण और धोखे की दलीलें हैं, तो दूसरी तरफ प्रताड़ना, खुद के बलबूते सफलता और साजिश के आरोप।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स से इतर, ‘ग्राउंड टॉक्स’ ने इस पूरे मामले के सभी किरदारों और कोर्ट रूम में पेश किए गए दावों की गहराई से पड़ताल की है।
शादी से सेलेक्शन तक: 2013 से 2024 की कहानी
मामले की जड़ें साल 2013 से जुड़ी हैं, जब अमन कुमार और गुंजन की शादी हुई। अमन का दावा है कि शादी के समय गुंजन इंटर पास थीं। एक आम फोटोग्राफर का काम करते हुए अमन ने अपनी क्षमता से बढ़कर पत्नी के सपनों को पंख दिए— ग्रेजुएशन, B.Ed और BPSC TRE-02 की तैयारी के लिए अपनी पैतृक जमीन तक बेच दी। साल 2024 में गुंजन का चयन सरकारी शिक्षिका के तौर पर हुआ और सुपौल में पोस्टिंग मिली।
पति अमन का आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलते ही रिश्ते में दरार आने लगी और उनकी 20 साल बड़ी उम्र का ताना देकर पारिवारिक दूरी बढ़ाई गई।
कोर्ट रूम में खुली 4 अहम कड़ियां: जानिए क्या-क्या हुआ
फैमिली कोर्ट में चल रही तलाक की सुनवाई के दौरान 4 मुख्य किरदारों— पति अमन, पत्नी गुंजन, मामा सुरेश सिंह और कथित मित्र प्रेम प्रकाश के इर्द-गिर्द मामला उलझा हुआ है:
दार्जिलिंग और नेपाल टूर के डिजिटल सबूत
पति अमन के वकील (नवीन झा) ने अदालत में कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और डिजिटल पेमेंट ट्रांजेक्शन पेश किए। वकील का दावा है कि 4 जनवरी को दार्जिलिंग के एक फूड कॉर्नर पर एक ही क्यूआर (QR) कोड पर गुंजन और प्रेम प्रकाश के ऑनलाइन पेमेंट रिकॉर्ड्स मौजूद हैं।
8 लाख रुपये का लोन और मामा की स्वीकारोक्ति
कोर्ट में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब गुंजन के सर्विस अकाउंट से लिए गए 8 लाख रूपये के लोन पर बहस हुई। सुनवाई के दौरान मामा सुरेश सिंह ने कोर्ट में स्वीकार किया कि यह रकम उनके खाते में आई थी, जिसे उन्होंने बिजनेस के लिए लिया था
राधा का रहस्य और अवैध धंधे का आरोप
गुंजन पक्ष की ओर से गवाह बने मामा सुरेश सिंह ने पति पर गंभीर आरोप लगाए कि अमन शराब-गांजे के अवैध धंधे में था और ‘राधा’ नाम की युवती से उसके संबंध थे। हालांकि, जिरह (Cross-examination) के दौरान जब वकील ने राधा की पहचान और पते पर सवाल दागे, तो मामा ने उसे काल्पनिक नाम बता दिया और कोई ठोस साक्ष्य नहीं दे सके।
दोनों पक्षों का रुख: आरोप बनाम सफाई
पत्नी (शिक्षिका गुंजन) का पक्ष
गुंजन का कहना है कि उनकी सफलता उनकी अपनी दिन-रात की मेहनत और परिजनों (मामा/बाबा) के सहयोग का नतीजा है। उन्होंने पति द्वारा जमीन बेचने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि जमीन पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि खुद अमन के इलाज और निजी कारणों से बिकी थी। गुंजन का आरोप है कि अमन उन पर झूठे लांछन लगाकर सोशल मीडिया के जरिए मानसिक रूप से प्रताड़ित और बदनाम कर रहे हैं।
पति (अमन) का पक्ष
अमन का कहना है कि 2018-19 में जब उनकी दुकान बंद हुई और आर्थिक स्थिति बिगड़ी, तब मामा ने गुंजन को भड़काया और बड़े-बड़े ख्वाब दिखाकर उनके घर को बिखेर दिया। अमन ने 23 मई के उस कथित वीडियो का भी हवाला दिया है, जिसके बाद सड़क पर हाई-वोल्टेज विवाद हुआ था।
ग्राउंड टॉक्स का निष्कर्ष
वैशाली का यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत तलाक का मुकदमा नहीं है, बल्कि यह बदलते सामाजिक ताने-बाने, डिजिटल युग में सबूतों की लड़ाई (QR पेमेंट्स, CDR) और रिश्तों में भरोसे के टूटने का एक गंभीर दस्तावेज बन चुका है। फिलहाल अदालत दोनों पक्षों के गवाहों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कानून की चौखट पर अगली तारीखों में ही तय होगा कि सच्चाई किसके पक्ष में है।